उपायुक्त कीर्तिश्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
चतरा: समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में सोमवार को उपायुक्त कीर्तिश्री जी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स एवं सड़क सुरक्षा टास्क फोर्स की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल, वन प्रमंडल पदाधिकारी (उत्तरी) राहुल मीणा, अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया सन्नी राज, जिला परिवहन पदाधिकारी इंद्र कुमार, जिला खनन पदाधिकारी मनोज टोप्पो सहित सभी संबंधित पदाधिकारी एवं परियोजना प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक के दौरान जिला खनन पदाधिकारी मनोज टोप्पो ने अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध जून माह तक की गई कार्रवाई का तुलनात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
वित्तीय वर्ष 2024–25 में खनिज लदे 49 वाहनों को जप्त करते हुए 26 प्राथमिकी दर्ज की गई और 62 वाहनों से ₹11,13,532 का जुर्माना वसूला गया। 2025–26 में अब तक 73 वाहन जप्त कर 28 प्राथमिकी दर्ज की गई, वहीं 65 वाहनों से ₹10,44,322 की वसूली की गई है।
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे गैर-व्यावसायिक कार्यों हेतु कैटेगरी-1 बालू घाटों की अद्यतन सूची शीघ्र जिला खनन पदाधिकारी को उपलब्ध कराएं। खनन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे सभी अंचलों से प्राप्त सूची के आधार पर डिस्ट्रिक्ट सर्वे रिपोर्ट का समेकित प्रतिवेदन तैयार करें और आगे की प्रक्रिया सुनिश्चित करें।
पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल ने मानसून अवधि (10 जून से अब तक) में अवैध बालू खनन के विरुद्ध की गई कार्रवाई की अद्यतन जानकारी मांगी। इस पर जिला खनन पदाधिकारी ने मई व जून माह में की गई कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत की तथा आगामी बैठक में 10 जून के बाद की कार्रवाई की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को यह सख्त निर्देश दिए कि वे नियमित औचक छापेमारी करें, अवैध बालू, पत्थर एवं कोयले के खनन मामलों में दोषियों पर त्वरित, पारदर्शी और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बस स्टैंडों की साफ-सफाई और यात्रियों के लिए सुलभ शौचालयों की व्यवस्था प्राथमिकता से कराई जाए।वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शीघ्र कराई जाए । टंडवा अंचल अधिकारी को ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर रिपोर्ट देने, तथा सिमरिया चौक-चौराहों पर रोड साइन बोर्ड लगवाने का निर्देश दिया गया । मालवाहक वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 40 किमी/घंटा का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए ।यातायात नियमों के प्रति जन-जागरूकता अभियान चलाने हेतु सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
बैठक में उपायुक्त द्वारा बार-बार सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद, जिले में कई अंचल अधिकारी अब भी अपनी पुरानी कार्यशैली में ही काम कर रहे हैं। न तो समयबद्ध कार्रवाई हो रही है, न ही जमीनी स्तर पर बदलाव दिख रहा है। ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि जब शीर्ष नेतृत्व सक्रिय और स्पष्ट है, तो फील्ड के अधिकारी अब तक सुस्त क्यों हैं?