नगर निकाय चुनाव में राजनीतिक दल भी झोंक रहे हैं ताकत, कर रहे जीत का दावा ।।

चतरा (संजीत मिश्रा)। झारखंड में नगर निकाय चुनाव भले ही औपचारिक रूप से दलगत न हो, लेकिन चतरा नगर परिषद चुनाव की जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। यहां सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपने-अपने समर्थित प्रत्याशियों को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक चुके हैं। यह चुनाव अब केवल नगर अध्यक्ष पद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राज्य और जिला स्तर के बड़े नेताओं की साख, प्रभाव और राजनीतिक पकड़ की असली परीक्षा बन चुका है। चतरा नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए कुल 22 प्रत्याशी चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। भाजपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में विद्यासागर आर्य, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) समर्थित प्रत्याशी अभिषेक निषाद और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी इंजीनियर बसीर निजामुद्दीन प्रमुख रूप से मैदान में हैं।
राजद की चुप्पी बनी चर्चा का केंद्र..
इस चुनाव का सबसे दिलचस्प और चर्चित पहलू यह है कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अब तक अपने समर्थित प्रत्याशी के नाम से पर्दा नहीं उठाया है। जबकि चतरा की राजनीति में पूर्व मंत्री सत्यानंद भोगता का राजद में मजबूत और निर्णायक भूमिका मानी जाती है। ऐसे में राजद की रणनीति को लेकर राजनीतिक गलियारों व बुद्धिजीवियों में तरह-तरह की चर्चाएं और कयास तेज हो गए हैं।
पर्दे के पीछे रणनीति गलियों में जनसंपर्क तेज…
नगर अध्यक्ष पद का यह चुनाव अब राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन चुका है। पर्दे के पीछे से रणनीतियां तैयार की जा रही हैं, कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारा जा चुका है और हर गली-मोहल्ले में डोर-टू-डोर जनसंपर्क अभियान तेज हो गया है। जैसे-जैसे मतदान की तिथि नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंचती जा रही है। सुबह से शाम तक सभी प्रत्याशियों का प्रचार-प्रसार का वाहन हर-गली मुहल्लों में घूम-घूम कर मतदाताओं को रिझाने में लगे हुए है । हालांकि चुनावी मैदान में कुछ ऐसे प्रत्याशी भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनकी चतरा के विकास, सामाजिक आंदोलनों या जनहित के मुद्दों में कभी कोई सक्रिय भागीदारी नहीं रही, जिससे मतदाताओं के बीच सवाल खड़े होने लगे हैं।
दल बनाम दल की खुली लड़ाई…
राजद को छोड़ दें तो भाजपा, झामुमो और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी खुलकर मैदान में हैं और सभी राजनीतिक दल अपने समर्थकों की जीत को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। भले ही नगर निकाय चुनाव में राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्ह नहीं हैं, लेकिन चतरा में यह चुनाव पूरी तरह दल बनाम दल की शक्ल ले चुका है।
अन्य प्रत्याशी भी झोंक रहे पूरी ताकत…
वहीं दूसरी ओर, अन्य प्रत्याशियों ने भी इस चुनावी मैदान में पूरी ताकत झोंक दी है और खुद को मजबूत स्थिति में बता रहे हैं। इनमें सुदेश कुमार, पप्पू कुमार यादव, जितेंद्र जैन, बिरेंद्र दास, दिनेश दांगी, अताउर रहमान, अभिषेक कुमार, अमन कुमार, मो. आशिक, मो. इरफान आलम, जमुना प्रसाद, मो. तनवीर अख्तर, मो. तौफिक आलम, राज वीर, राजेश कुमार, राजेश कुमार रौशन और लक्ष्मी प्रसाद शुक्ला के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। कुल मिलाकर, चतरा नगर परिषद का यह चुनाव अब सिर्फ नगर के नेतृत्व के चयन का नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों की ताकत, रणनीति और बड़े नेताओं की साख की अग्निपरीक्षा बन चुका है।





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