कौलेश्वरी विकास को नई दिशा: समिति की अहम बैठक में ऐप, कैशलेस सिस्टम, तोरण द्वार व सीढ़ी निर्माण पर बड़े निर्णय

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कौलेश्वरी मंदिर व पर्वत क्षेत्र के समग्र विकास का खाका तैयार, 70 लाख की राशि के सदुपयोग पर जोर

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स्वच्छता, सुगमता और पारदर्शिता ही समिति का लक्ष्य: एसडीएम जहूर आलम

चतरा। हंटरगंज प्रखंड मुख्यालय के सभागार में कौलेश्वरी विकास प्रबंधन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष सह एसडीएम मोहम्मद जहूर आलम ने की, जबकि संचालन समिति के सचिव सह अंचल अधिकारी रितिक कुमार ने किया। बैठक में जिला परिषद अध्यक्षा ममता कुमारी, बीडीओ निखिल गौरव कमान कच्छप, जोरी थाना प्रभारी अमित कुमार, हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार, सांख्यिकी पदाधिकारी युगेश शर्मा, एसडीओ कार्यालय के स्टेनो उत्तम कुमार, अंचल कार्यालय के प्रधान लिपिक सुनील कुमार सहित समिति के सदस्य प्रेम सिंह, अरुण सिंह, कौशलेंद्र कुमार सिंह, अनिरुद्ध सिंह, सुरेश पासवान, जितेंद्र रजक, अशर्फी सिंह, राजू भारती, बिरजू सिंह, मिथलेश श्रीवास्तव, जयहिंद पासवान, अरुण चौरसिया, सविता पांडे समेत कई जनप्रतिनिधि, पुजारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।

इटखोरी मॉडल पर समिति संचालन का निर्णय , मंदिर विकास व सुविधा विस्तार पर जोर

बैठक में पूर्व प्रस्तावों पर बिंदुवार चर्चा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कौलेश्वरी विकास प्रबंधन समिति को इटखोरी मॉडल की तर्ज पर व्यवस्थित, पारदर्शी और सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा। आधुनिक व्यवस्था के तहत एक समर्पित मोबाइल ऐप विकसित करने और संपूर्ण प्रणाली को कैशलेस बनाने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि आर्थिक लेन-देन में पारदर्शिता बनी रहे और अनियमितता की गुंजाइश समाप्त हो। रामनवमी सहित अन्य धार्मिक अवसरों पर लगने वाले मेले में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। मंदिर परिसर, पहाड़ी क्षेत्र और तलहटी में फैली गंदगी हटाने के लिए व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने का प्रस्ताव पारित किया गया। मंदिर के पुराने साउंड सिस्टम के खराब होने के कारण उसे दुरुस्त कराने तथा चार नए साउंड सिस्टम खरीदने का निर्णय लिया गया। साथ ही, अन्य लंबित निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर सहमति बनी।

तोरण द्वार व नई सीढ़ी निर्माण को मंजूरी एवं स्वच्छता के लिए जूट बैग योजना

समिति ने कौलेश्वरी प्रवेश द्वार पर भव्य तोरण द्वार निर्माण का प्रस्ताव पारित किया। इसके लिए सांसद एवं विधायक निधि से राशि उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर मंदिर के बैंक खाते से राशि व्यय करने पर भी सहमति बनी।
दंतार–लेडो मार्ग से मंदिर तक नई सीढ़ी निर्माण का भी निर्णय लिया गया, ताकि कठिन मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। समिति ने जेएसपीएलएस के माध्यम से लगभग पांच लाख रुपये की लागत से जूट के थैले तैयार कराने का निर्णय लिया। इन थैलों का उपयोग पर्वत क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने और प्लास्टिक पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से किया जाएगा।

70 लाख की राशि विकास कार्यों में होगी खर्च , सदस्यता प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल

बैठक में जानकारी दी गई कि समिति के बैंक खाते में लगभग 70 लाख रुपये जमा हैं। इस राशि का उपयोग पारदर्शी तरीके से समग्र विकास कार्यों में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त ‘कौलेश्वरी महोत्सव’ के नाम से संचालित बैंक खाते में लगभग डेढ़ लाख रुपये जमा हैं, जिसका उपयोग आगामी महोत्सव के आयोजन में किया जाएगा।समिति ने सदस्यता शुल्क को स्कैनर के माध्यम से सीधे बैंक खाते में जमा करने की व्यवस्था अनिवार्य कर दी है। भुगतान की रसीद सचिव को उपलब्ध कराने के बाद सदस्यता प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। धार्मिक अनुष्ठानों में प्राप्त दान भी डिजिटल माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा। समिति की मासिक बैठक प्रत्येक माह की 11 तारीख को आयोजित की जाएगी, जबकि अनुमंडल स्तरीय समीक्षा बैठक हर तीन माह में होगी। कटैय्या, दंतार, कोबना, नावाडीह, गोसाईडीह, तरवागढ़ा, खूंटीकेवाल खुर्द, तिलहेत, उरैली और डुमरी कलां पंचायतों के मुखिया समिति के पदेन सदस्य होंगे।

लक्ष्य—कौलेश्वरी को मॉडल धार्मिक व पर्यटन स्थल बनाना

बैठक में स्पष्ट किया गया कि कौलेश्वरी पर्वत क्षेत्र को आधुनिक, स्वच्छ, सुरक्षित और श्रद्धालु-केंद्रित धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी सदस्यों ने एकमत से विश्वास जताया कि आने वाले समय में कौलेश्वरी का व्यापक और योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

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